Neera Arya: Azad Hind Ki Pahli Jasoos

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Author : Madhu Dhama

5 सितंबर 1980 को हैदराबाद में जन्मी मधु धामा उर्दू, अरेबिक और हिन्दी की लेखिका हैं। इन्होंने मौलिक लेखन के अलावा स्वामी दयानंद सरस्वती जी के अधिकांश ग्रंथों का उर्दू में रूपांतरण भी किया। मूलत: उर्दू, अरेबिक और तेलुगू की जानकार एक आम गृहिणी मधु धामा ने हिन्दी साहित्य जगत और समाज सेवा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने इन्हें देशभक्ति से परिपूर्ण लेखन, मानवीय सेवाओं और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए संस्कृति मनीषी सम्मान से सम्मानित किया है, जिसके तहत इन्हें डेढ लाख रुपए नगद, शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

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Description

यह पुस्तक नीरा आर्य नागिनी की एकमात्र प्रामाणिक जीवनी है। इसे औपन्यासिक शैली में लिखा गया है और नीरा आर्य के साक्षात्कार पर आधारित है। नीरा आर्य आजाद हिन्द फौज में रानी झांसी रेजिमेंट की सिपाही थीं, जिन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप भी लगाया था। इन्हें नीरा नागिनी के नाम से भी जाना जाता है। यह एक महान देशभक्त, साहसी एवं स्वाभिवानी महिला थीं, जिन्हें गर्व और गौरव के साथ याद किया जाता है। इन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने पति की हत्या कर दी थी। अंग्रेजों ने जेल में इनके स्तन काटने का दुष्कर्म करने का प्रयास किया था।

Additional information

Format

Hardback

Language

Hindi

ISBN

978-93-92468-26-1

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