नीरा के बलिदान बिन नेताजी सुभाष की देशभक्ति अधूरी : ग्रेसी

जयपुर। नीरा आर्य के बलिदान बिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस की देशभक्ति अधूरी है। यह उद्गार चायना की सुप्रसिद्ध फिल्मकार एवं प्रोड्यूसर झांग हुइहुआंग ग्रेसी ने व्यक्त किए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्होंने अपने विचार प्रसिद्ध लेखक तेजपाल सिंह धामा से साझा किए। तेजपाल सिंह धामा ने उन्हें नीरा आर्य की आत्मकथा की प्रति भेंट की।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के खेकड़ा में जन्मी नीरा आर्य ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने सीआईडी अफसर पति की हत्या कर दी थी, जो नेताजी को मारना चाहता था। इस घटना के बाद नेताजी ने नीरा को नागिनी कहकर पुकारा था।
चायना की फिल्मकार झांग हुइहुआंग ग्रेसी ने जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, जिफ के दौरान तेजपाल सिंह धामा की लिखी पटकथा के लिए भारतीय निर्देशक संजय मलिक के साथ एक एमओयू किया है।
गौरतलब है कि जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दाैरान चली इंटरनेशनल काे-प्राेडक्शन मीट के दाैरान इंडिया-चायना-जापान के बीच 50 कराेड़ बजट की फिल्म्स के एमओयू हुए।
जिफ के फाउंडर हनु राेज के अनुसार, इस बार में इस मीट ने फ़िल्मकारों को बड़ी संख्या में आकर्षित किया। इसी के चलते भारत-जापान और चायना के फिल्मकारों ने प्रोड्यूसर्स ने साथ मिलकर साथ काम करने में रुचि दिखाई। जिफ की क्लोजिंग फिल्म फास्ट ए रिटर्न फ्रम चायना की टीम ने भारत में फिल्म निर्माण को लेकर रुचि दिखाई और 50 करोड़ रुपए इनवेस्ट करने की बात कही। वे तेजपाल सिंह धामा द्वारा लिखी गई पटकथा पर निवेश करेंगी।
इस मीट में 25 देशों के फिल्मकारों अमेरिका, अरमेनिया, जापान, इंगलैंड, ईरान, ग्रीस जैसे देशों के फ़िल्मकारों ने हिस्सा लिया, और फिल्मों निर्माण को लेकर सहभागिता के बारे में अहम् बातचीत की।

ग्रेसी, निर्देशक संजय मलिक, निर्माता राम शर्मा एवं तेजपाल सिंह धामा, जयपुर के एक होटल में
हांगकांग की महान फिल्म निर्माता ग्रेसी को अपनी पुस्तक नीरा नागिन भेंट करते तेजपाल सिंह धामा

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